Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी का इतिहास, संस्कृति और आधुनिक विकास
पश्चिम बंगाल का संक्षिप्त परिचय
पश्चिम बंगाल भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित एक प्रमुख राज्य है। इसका क्षेत्रफल लगभग 88,752 वर्ग किलोमीटर है और यह घनी आबादी वाले राज्यों में से एक है। 2021 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार यहाँ की आबादी 10 करोड़ से अधिक है।
- राजधानी: कोलकाता
- स्थापना: 26 जनवरी 1950 (भारतीय गणराज्य के रूप में)
- प्रमुख शहर: हावड़ा, आसनसोल, दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी
- भाषाएं: बांग्ला (मुख्य), हिंदी, अंग्रेज़ी
- मुख्यमंत्री (2025 तक): ममता बनर्जी
- राज्यपाल: सी.वी. आनंद बोस
पश्चिम बंगाल साहित्य, कला, संगीत, राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम का गढ़ रहा है। रवींद्रनाथ ठाकुर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद जैसे अनेक विभूतियाँ यहीं से हैं।
कोलकाता का इतिहास
कोलकाता का प्रारंभिक नाम कलकत्ता था। इसे 1690 में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित किया गया। 1772 से 1911 तक यह ब्रिटिश भारत की राजधानी रहा। शहर का औपनिवेशिक इतिहास, स्थापत्य और शिक्षा में गहरा प्रभाव छोड़ता है।
- ब्रिटिश शासनकाल के दौरान शिक्षा, न्याय और व्यापार का केंद्र बना।
- 1905 के बंग-भंग आंदोलन में कोलकाता का प्रमुख योगदान।
- 1911 में राजधानी दिल्ली स्थानांतरित होने के बावजूद कोलकाता का महत्व बना रहा।
भूगोल और जनसंख्या
कोलकाता हुगली नदी के पूर्वी तट पर बसा है और बंगाल की खाड़ी से नज़दीक है। यहाँ का मौसम उष्णकटिबंधीय आर्द्र रहता है। 2021 के अनुसार, कोलकाता महानगर क्षेत्र की जनसंख्या 1.5 करोड़ से अधिक है।
प्रमुख पर्यटन स्थल
- विक्टोरिया मेमोरियल: सफेद संगमरमर से बना यह स्मारक ब्रिटिश वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है।
- हावड़ा ब्रिज: विश्व का सबसे व्यस्त कैन्टीलीवर पुल।
- दक्षिणेश्वर काली मंदिर: रानी रश्मोनी द्वारा निर्मित पवित्र स्थल।
- बेलूर मठ: रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय।
- इंडियन म्यूज़ियम: भारत का सबसे पुराना और विशाल संग्रहालय।
- एडेन गार्डन्स: विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट स्टेडियम।
कोलकाता की संस्कृति
कोलकाता को ‘भारत की सांस्कृतिक राजधानी’ कहा जाता है। यहाँ साहित्य, संगीत, रंगमंच, सिनेमा और चित्रकला का गहरा प्रभाव है।
- भाषा: बांग्ला, हिंदी, अंग्रेज़ी
- त्योहार: दुर्गा पूजा, काली पूजा, ईद, क्रिसमस
- पहनावा: महिलाएं साड़ी (तांत, बालुचरी), पुरुष धोती-कुर्ता; आधुनिक परिधान भी प्रचलित
खानपान (Bengali Cuisine)
कोलकाता के व्यंजन अपने विशिष्ट स्वाद और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ का माछ-भात, रसगुल्ला, काठी रोल, और मिष्टी दोई प्रसिद्ध हैं।
- नाहर खाना
- पिटर होटल – क्लासिक बंगाली थाली
- निज़ाम्स – काठी रोल के लिए प्रसिद्ध
- बड़ी स्ट्रीट और चित्तरंजन एवेन्यू – स्ट्रीट फूड हब
आधुनिक कोलकाता और विकास
परिवहन
- कोलकाता मेट्रो: भारत की पहली भूमिगत मेट्रो सेवा
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
- ट्राम: भारत का एकमात्र कार्यरत ट्राम नेटवर्क
शिक्षा और संस्थान
- कलकत्ता विश्वविद्यालय
- IIT खड़गपुर (नज़दीक)
- प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी
- Indian Statistical Institute
IT और इंफ्रास्ट्रक्चर
- सॉल्ट लेक सिटी: IT हब
- न्यू टाउन: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स
- टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसी कंपनियाँ स्थापित
कोलकाता: पहले और अब
| पहलू | पहले | अब |
|---|---|---|
| परिवहन | ट्राम, बसें | मेट्रो, ऐप बेस्ड टैक्सी, फ्लाईओवर |
| विकास | पुराने उपनगर | स्मार्ट सिटी, न्यू टाउन |
| शिक्षा | क्लासिकल संस्थान | IIT, प्राइवेट यूनिवर्सिटी, ग्लोबल प्रोग्राम्स |
| खानपान | मिठाई की दुकानें | स्ट्रीट फूड + इंटरनेशनल ब्रांड्स |
निष्कर्ष
कोलकाता न केवल पश्चिम बंगाल की राजधानी है, बल्कि यह भारतीय इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का भी प्रतीक है। इसकी विविधता, साहित्यिक परंपरा और जन-चेतना इसे एक विशेष स्थान प्रदान करते हैं।
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