भारत के प्राचीनतम मंदिर जिनकी उम्र 1000 साल से ज्यादा है

भारत के प्राचीनतम मंदिर जिनकी उम्र 1000 साल से ज्यादा है

भारत के प्राचीनतम मंदिर जिनकी उम्र 1000 साल से ज्यादा है

भारत की भूमि प्राचीन सभ्यताओं, राजाओं और आध्यात्मिकता की साक्षी रही है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं जो सहस्त्राब्दियों से खड़े हैं और आज भी श्रद्धा और आश्चर्य का केंद्र बने हुए हैं। इन मंदिरों की उम्र 1000 साल से अधिक है, और इनका ऐतिहासिक, स्थापत्य और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्व है। आइए जानें ऐसे ही कुछ अद्वितीय मंदिरों के बारे में।

1. बृहदीश्वर मंदिर, तंजावुर (तमिलनाडु)

राजा राजा चोल द्वारा 1010 ई. में निर्मित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसे UNESCO विश्व धरोहर घोषित किया गया है। इसकी 216 फुट ऊँची गोपुरम बिना सीमेंट के बनी है, और यह भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

2. विष्णुकांत मंदिर, भुवनेश्वर (ओडिशा)

यह मंदिर 11वीं सदी में गंगा राजवंश द्वारा बनवाया गया था। इसकी नक्काशी, पत्थर की मूर्तियाँ और वास्तुकला अद्भुत हैं। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और ओडिशा की ‘मंदिर नगरी’ की शोभा बढ़ाता है।

3. कांची कैलाशनाथ मंदिर, कांचीपुरम (तमिलनाडु)

यह मंदिर 7वीं शताब्दी में पल्लव वंश के नरसिंहवर्मन द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। यह दक्षिण भारत का सबसे पुराना पत्थर का शिव मंदिर माना जाता है। इसकी दीवारों पर रामायण, महाभारत और पुराणों की कहानियाँ चित्रित हैं।

4. लक्ष्मण मंदिर, सिरपुर (छत्तीसगढ़)

7वीं शताब्दी में बनवाया गया यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और ईंटों से बना भारत का सबसे पुराना मंदिर माना जाता है। सिरपुर कभी बौद्ध और हिन्दू शिक्षा का प्रमुख केंद्र था।

5. सूर्य मंदिर, मोधेरा (गुजरात)

इस मंदिर का निर्माण 1026 ईस्वी में सोलंकी राजा भीमदेव प्रथम ने करवाया था। यह सूर्य भगवान को समर्पित है और इसकी ज्यामितीय वास्तुकला, सभामंडप और सूर्यकुंड पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

6. लिंगराज मंदिर, भुवनेश्वर (ओडिशा)

11वीं सदी में बना यह मंदिर हरिहर रूपी शिव को समर्पित है – यानी विष्णु और शिव का मिश्रण। इसकी 180 फीट ऊँची शिखर भव्यता का प्रतीक है। यह मंदिर कलिंग शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।

7. त्रिपुरसुंदरी मंदिर, त्रिपुरा

10वीं शताब्दी में बना यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहाँ देवी सती के दाहिने पैर की उँगली गिरी थी। यह पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख शक्ति स्थल है।

8. गुंडेश्वर मंदिर, भीमबेटका के पास (मध्यप्रदेश)

इस मंदिर का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यह पांडवों के समय का माना जाता है और शिव को समर्पित है। इस मंदिर की गुफाएँ और चित्रकला इसकी प्राचीनता की पुष्टि करते हैं।

9. खजुराहो के मंदिर, मध्यप्रदेश

10वीं-11वीं सदी में चंदेल वंश द्वारा निर्मित ये मंदिर अपनी उत्कृष्ट मूर्तिकला और नागर शैली वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ जीवन के सभी पहलुओं – धर्म, काम, मोक्ष – को मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है।

10. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

हालांकि वर्तमान मंदिर 18वीं सदी का है, लेकिन इसके मूल निर्माण का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर सहस्त्रों वर्षों से पूजा होती आ रही है। यह भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक है।

निष्कर्ष

भारत के ये प्राचीन मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं बल्कि हमारी स्थापत्य, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी हैं। इन मंदिरों की यात्रा न केवल आध्यात्मिक अनुभव देती है बल्कि हमें हमारी जड़ों से जोड़ती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  • प्रश्न: भारत का सबसे पुराना जीवित मंदिर कौन सा है?
    उत्तर: कांची कैलाशनाथ मंदिर (7वीं सदी)।
  • प्रश्न: क्या बृहदीश्वर मंदिर को UNESCO ने मान्यता दी है?
    उत्तर: हाँ, यह विश्व धरोहर स्थल है।
  • प्रश्न: क्या इन मंदिरों में आज भी पूजा होती है?
    उत्तर: हाँ, अधिकांश प्राचीन मंदिरों में आज भी नियमित पूजा होती है।

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